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सम्मेलन में विवाद: ST-SC-OBC संगठनों के नेताओं ने रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री पर की अभद्र टिप्पणी

दिल्ली। मध्य प्रदेश में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विभिन्न संगठनों के संयुक्त मोर्चा के सम्मेलन के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन में मंच से कई नेताओं ने कथावाचकों और संतों को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यह सम्मेलन आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर कार्रवाई समेत विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था, लेकिन बयानबाजी के कारण कार्यक्रम चर्चा का केंद्र बन गया।

सम्मेलन में भाजपा के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने पत्नी और वाइफ के अंतर वाले बयान को लेकर रामभद्राचार्य पर व्यक्तिगत हमला किया। इसके बाद मामला और गरमा गया, जब अन्य नेताओं ने भी संतों और कथावाचकों को लेकर तीखी भाषा का प्रयोग किया।

दलित पिछड़ा समाज संगठन के संस्थापक दामोदर यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने बागेश्वर धाम और पर्ची से इलाज के दावों को लेकर टिप्पणी करते हुए शास्त्री को अपशब्द कहे। साथ ही स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ भी अमर्यादित बयान दिए गए।

प्रजापति ने कहा कि कुछ कथावाचक महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान देते हैं और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़े तो उन्हें फांसी दे दी जाए, लेकिन पहले संतोष वर्मा और कथावाचकों पर कार्रवाई की जाए।

सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 10 हजार लोग शामिल हुए। ओबीसी महासभा, आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, जयस समेत कई संगठनों के नेता मंच पर मौजूद रहे। यहां एससी-एसटी-ओबीसी वर्ग के तीन लाख बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी के होल्ड पदों को बहाल करने और 52 प्रतिशत आरक्षण जैसी मांगें उठाई गईं।

भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा और आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। विवादित बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

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