संविधान:सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश: सार्वजनिक स्थलों पर ब्रेस्ट फीडिंग रूम बनाए जाए

संविधान:महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर ब्रेस्ट फीडिंग करने में आ रही परेशानी के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे सार्वजनिक इमारतों और वर्क प्लेस में ब्रेस्ट फीडिंग और चाइल्ड केयर रूम बनवाएं। यह फैसला उस याचिका पर सुनाया गया था, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को ब्रेस्ट फीडिंग की उचित सुविधा देने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि ब्रेस्ट फीडिंग महिला और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और इसे महिलाओं का अधिकार माना गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया मां के शरीर का हिस्सा है, और महिलाओं को किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिना झिझक अपने बच्चों को दूध पिलाने का अधिकार है।
कोर्ट ने सरकार को यह सलाह भी दी कि सार्वजनिक भवनों में 50 या अधिक महिला कर्मचारियों वाले स्थानों पर कम से कम एक क्रेच की सुविधा सुनिश्चित की जाए। यह कदम महिलाओं की गरिमा और उनके अधिकारों का सम्मान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
यह आदेश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत बच्चों के सर्वोत्तम हित के सिद्धांत के अनुरूप है। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाएं बिना किसी परेशानी के अपने बच्चों को दूध पिला सकें।





