हिरासत में बंद युवक की मौत पर कांग्रेस की जांच टीम सक्रिय, परिजनों और अधिकारियों से की पूछताछ

रायगढ़ जिले में बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। मामले की जांच के लिए गठित प्रदेश कांग्रेस कमेटी की छह सदस्यीय समिति रायगढ़ पहुंची और मृतक के परिजनों, जेल प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। समिति अपनी जांच रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।
परिजनों और अधिकारियों से जुटाई जानकारी
जांच समिति ने सबसे पहले मृतक संजय बघेल के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद समिति जिला जेल पहुंची, जहां अधिकारियों से चर्चा कर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी प्राप्त की गई।
समिति ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की और जांच की प्रगति तथा अब तक की कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार, नवापारा निवासी 32 वर्षीय संजय बघेल को 10 जून को शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 13 जून को उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और विरोध जताया। परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान संजय के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई थी।
मामले में जांच जारी, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, संबंधित थाना पुलिस ने अपने पक्ष में सीसीटीवी फुटेज जारी करते हुए दावा किया है कि थाने में संजय बघेल के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। कांग्रेस जांच समिति का कहना है कि सभी तथ्यों और पक्षों को शामिल करते हुए रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को सौंपी जाएगी।





