बिलासपुर नगर निगम की कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, विपक्ष पर साधा निशाना

अतिक्रमण की कार्रवाई या इंसानियत पर हमला

बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नगर पालिक निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रदेश एवं कांग्रेस कमेटी अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण के सदस्य महेश दुबे टाटा महाराज ने विपक्ष पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, कि निगम अधिकारी कार्रवाई भले ही यातायात व्यवस्था सुधारने की दलील दे रही हो, परंतु यह कदम मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज करता प्रतीत होता है। वर्षों से जिन लोगों ने एक ज़मीन को अपना घर समझा, वहीं अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बेदखल किया जा रहा है। वे लोग जिन्होंने वहीं जन्म लिया, खेले-कूदे और बड़े हुए, उन्हें कभी यह बताया ही नहीं गया कि यह भूमि सरकारी है। विडंबना यह है कि सरकार ने उसी जमीन पर वर्षों तक बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं दीं।

अगर यह अतिक्रमण था, तो पहले ही क्यों नहीं रोका गया? क्यों जब ये लोग वोट बैंक बने रहे, तब उन्हें बसाया गया, और आज जब विस्थापन हो रहा है, तो कोई जनप्रतिनिधि साथ नहीं दिखता। यह दोहरी नीति और प्रशासन की बेरुखी निंदनीय है। यदि शहर का विस्तार आवश्यक है, तो बेघर हो रहे लोगों के लिए पहले सुरक्षित और व्यवस्थित पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मिलकर पीड़ितों के साथ सामंजस्य बनाना होगा, न कि अचानक उनके आशियानों पर बुलडोजर चला देना। गरीबी में जन्मे लोगों को बेवक्त मरने को मजबूर करना क्या वाकई विकास है, या फिर यह इंसानियत पर सवाल है?

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