Confrontation: MLA और प्रदेश मंत्री के बीच टकराव, एकता के लिए रखे गए यूनिटी मार्च में बिखर गई एकता और हो गई बहस
Confrontation: बीजेपी के 'यूनिटी मार्च' में एकता का इस तरह नज़ारा....विधायक और भाजपा नेत्री के बीच सियासी घमासान

बिलासपुर में बीजेपी के ‘यूनिटी मार्च’ का आयोजन हुआ था, लेकिन इस कार्यक्रम के दौरान एकता की बजाय पूरी पार्टी के भीतर असहमति और विवादों का नया अध्याय लिखा गया। (Confrontation) पार्टी के विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे के बीच केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर जबरदस्त तकरार हो गई।
एकता के लिए रखे गए यूनिटी मार्च में बिखर गई एकता और हो गई बहस
विधायक शुक्ला ने अपनी जगह को लेकर कड़ा विरोध जताया, वहीं हर्षिता पांडे ने भी तोखन साहू के साथ पहले पंक्ति में खड़े होने का पूरा दावा ठोंका। (Confrontation) जैसे ही दोनों एक-दूसरे से भिड़े, सरेआम नोकझोंक शुरू हो गई, मानो यह मार्च न हो कर सियासी रेस हो! शुक्ला तो पांडे से आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, और पांडे ने उन्हें पीछे धकेल दिया। बीच में केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक को हस्तक्षेप करना पड़ा, जैसे कि वे किसी बचकानी लड़ाई में मध्यस्थता कर रहे हों।
मार्च की एकता में बिखर गई भाजपा,केंद्रीय मंत्री के साथ फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर हुआ तगड़ा Confrontation
जब तक ये विवाद शांत हुआ, बीजेपी के अंदर ‘एकता’ का मास्क पूरी तरह से उतर चुका था। ये घटना ना सिर्फ सियासी तौर पर चर्चित हो गई, बल्कि पार्टी के भीतर की अंदरूनी जंग को भी उजागर कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि जब ‘यूनिटी मार्च’ में ही एकता की परीक्षा हो गई, तो आने वाले चुनावों में पार्टी की एकजुटता कितनी मजबूत होगी?





