जिला योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर लंगेह ने की समीक्षा, दिए कई जरूरी निर्देश

महासमुंद। कलेक्टर विनय लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में समय-सीमा बैठक लेकर जिले में चल रही प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने “मोर दुआर – साय सरकार”, “आवास प्लस 2.0”, “सुशासन तिहार”, “पीएम जनमन योजना” और धान उठाव जैसे कई अहम मुद्दों पर अधिकारियों को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने “मोर दुआर – साय सरकार” अभियान को सफल बनाने के लिए कहा कि इसका उद्देश्य उन ग्रामीणों की पहचान करना है, जो अभी तक आवास योजना से वंचित हैं। उन्होंने “सुशासन तिहार” में मिले आवेदनों की आज शाम तक पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करने को भी कहा।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आवेदन निपटाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाएं ताकि समस्याओं का जल्द और गुणवत्ता पूर्ण समाधान हो सके। उनका कहना था कि इस तरह योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
राष्ट्रीय पंचायत दिवस (24 अप्रैल) के मौके पर जिले की 60 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल पंचायत सुविधा केंद्रों की सेवाओं की जानकारी प्रदर्शित करने और मुनादी के माध्यम से प्रचार करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर लंगेह ने जल संरक्षण को लेकर भी खास जोर दिया। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि अपने क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाएं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि वे अपने घर, स्कूल और दफ्तर में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था करें, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।
पेयजल संकट को देखते हुए पीएचई विभाग को आवश्यक स्थानों पर बोर खनन कराने और सभी नगरीय निकायों को टैंकर से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अन्य निर्देशों में शामिल हैं:
लोक सेवा गारंटी के तहत मिले आवेदनों का समय पर निराकरण।
अवैध रेत उत्खनन की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज करने के निर्देश।
अवैध शराब बिक्री पर निगरानी और सभी मदिरा दुकानों की सतत जांच।
व्हीकल माउंटेड डीजे पर लगातार कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन।
धान उठाव की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश, वर्तमान में 13 हजार क्विंटल शेष।
कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना की भी समीक्षा की और जाति, आधार, आयुष्मान कार्ड जैसी जरूरी दस्तावेजों को शत-प्रतिशत बनवाने के लिए कहा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर मवेशियों की समस्या पर भी ध्यान दिया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए।
अंत में उन्होंने राजस्व पखवाड़ा, पोषण पखवाड़ा, अनुकंपा नियुक्ति जैसी योजनाओं की भी समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों और मांगों का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।





