उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, 4 की मौत; 50 से ज्यादा लापता

दिल्ली। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार दोपहर 1.45 बजे बादल फटने से 34 सेकंड में भारी तबाही मच गई। खीर गंगा नदी में पहाड़ों से आया मलबा गांव के बाजार, मकान और होटल बहा ले गया। घटना में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि 50 से ज्यादा लोग, जिनमें सेना के 8-10 जवान भी शामिल हैं, लापता हैं। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं और अब तक 130 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है।
धराली के अलावा हर्षिल और सुक्की में भी बादल फटने की घटनाएं हुईं। भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार धराली ट्रांस हिमालय के संवेदनशील ‘मेन सेंट्रल थ्रस्ट’ जोन में है और यहां पहले भी 1864, 2013 और 2014 में तबाही हो चुकी है। इस बार भी संभवतः पहाड़ का अटका हिस्सा टूटकर नदी में गिरा, जिससे बाढ़ आई।
आपदा में 1500 साल पुराना कल्प केदार महादेव मंदिर भी मलबे में दब गया। यह मंदिर पंच केदार परंपरा और स्थानीय आस्था का केंद्र था। घटना के वीडियो में लोग मलबे से बचने के लिए भागते नजर आए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और गांव में 30 फीट तक मलबा भर गया। धराली गंगोत्री धाम से 18 किमी और देहरादून से 218 किमी दूर स्थित है। तीर्थयात्रियों का यह प्रमुख पड़ाव अब खंडहर में बदल गया है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।





