Chhattisgarh railway expansion:छत्तीसगढ़ में रेलवे का विस्तार, दो साल में दोगुनी होंगी पैसेंजर ट्रेनें
दो साल में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या दोगुनी

Chhattisgarh railway expansion:छत्तीसगढ़ में रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार तेजी से हो रहा है। केंद्र सरकार ने बजट में राज्य के लिए 7,470 करोड़ रुपये का प्राविधान किया है। यह पिछले औसत बजट की तुलना में 24 गुना अधिक है। इस ऐतिहासिक पूंजी निवेश से राज्य में 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी।
राज्य में वर्तमान में प्रतिदिन करीब 70 हजार यात्री पैसेंजर ट्रेनों से यात्रा करते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को सीट की सुविधा मिलेगी और सड़क यातायात पर दबाव कम होगा।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 216 ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें 162 मेल-एक्सप्रेस और 54 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे की योजना के अनुसार अगले दो साल में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और यात्रियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने की उम्मीद है।
51 हजार करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट्स में नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन विस्तार और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दूरदराज के इलाकों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे राज्य के लिए बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को रेल सुविधाओं के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा। उन्होंने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 स्टेशनों का 1,674 करोड़ रुपये से आधुनिकीकरण किया जा रहा है और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण तथा कवच सुरक्षा प्रणाली की स्थापना से रेल यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।
रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट और परमलकसा-खरसिया फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के पूरा होने से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और रेलवे नेटवर्क अधिक सशक्त होगा।





