छत्तीसगढ़ में जबरन मतांतरण पर कार्रवाई तेज, तीन जिलों से 3 पास्टर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में जबरन और अवैध मतांतरण के मामलों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए रविवार को अलग-अलग जिलों से छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन पास्टर भी शामिल हैं। दुर्ग, कोरबा और बालोद जिलों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई, जिनमें धार्मिक कार्यक्रमों के बहाने मतांतरण कराने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और बिना अनुमति धार्मिक सभाएं आयोजित करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। कई जगह हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई स्थित सूर्य नगर का है, जहां एक घर में प्रार्थना सभा आयोजित करने को लेकर भारी हंगामा हुआ। बजरंग दल और स्थानीय समाज के लोग घर के बाहर जमा होकर आरोप लगाने लगे कि यहां प्रार्थना के नाम पर लोगों का मतांतरण कराया जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज साहू, उनकी पत्नी और महिला पास्टर मालती साहू तथा रविशंकर चंदेल को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 299 बीएनएस, धारा 3(5) और छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी कार्रवाई कोरबा जिले में हुई, जहां पास्टर बजरंग जायसवाल को धार्मिक भावनाएँ आहत करने, तेज ध्वनि में धार्मिक सभा चलाने और देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणियाँ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बजरंग जायसवाल अपने घर को चर्च की तरह इस्तेमाल कर रोज बड़ी सभाएं आयोजित करता था, जिससे मोहल्ले में शोर और अव्यवस्था फैलती थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

तीसरा मामला बालोद जिले के कलंगपुर गांव का है, जहां अवैध प्रार्थना सभा की शिकायत पर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो पास्टरों—विजय साहू और मिथलेश साहू—को मौके पर पकड़ लिया। बताया गया कि घर में चल रही इस सभा में 30 से अधिक लोग जुटे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाने ले जाकर जांच के बाद उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया।

इन तीनों घटनाओं के सामने आने के बाद प्रदेश में अवैध मतांतरण को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, स्थानीय संगठनों ने ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button