छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की हत्या दर सबसे अधिक, एनसीआरबी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट ने एक गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध दर और हत्या की घटनाएं देश में सबसे ज्यादा दर्ज की गईं। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के खिलाफ अपराध की दर 89.7 रही, जो देश में चौथे स्थान पर है। कुल 1,798 मामले सामने आए, जबकि 2022 में यह संख्या 1,632 थी।
सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि बुजुर्गों की हत्या की दर राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में दर्ज हुई। यहां प्रति एक लाख बुजुर्ग जनसंख्या पर हत्या की दर 3.6 रही, जबकि राष्ट्रीय औसत सिर्फ 1.2 है। साल 2023 में कुल 72 हत्या के मामलों में 73 वरिष्ठ नागरिकों की जान गई। तुलना करें तो अरुणाचल प्रदेश में यह दर 3.1, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में 2.7 रही।
दिल्ली बुजुर्गों के खिलाफ अपराध दर में पहले स्थान पर रहा, जहां 1,361 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 118.6 रही। इसके बाद मध्य प्रदेश (100.4), चंडीगढ़ (99.9) और छत्तीसगढ़ (89.7) का स्थान रहा।
रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों से वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। 2021 में जहां 1,408 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में यह बढ़कर 1,632 और 2023 में 1,798 हो गए। इन मामलों में 2,521 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 2,457 के खिलाफ आरोप पत्र दायर हुए। इनमें से 235 लोग दोषी करार दिए गए, जबकि 45 को बरी कर दिया गया।
एनसीआरबी की रिपोर्ट ने यह भी बताया कि 2023 में छत्तीसगढ़ में ऐसे अपराधों के 1,520 मामलों की सुनवाई हुई, जबकि 5,032 मामले अब भी लंबित हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक चुनौती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु ठोस कदम उठाने होंगे। इसमें पुलिस गश्त बढ़ाना, सामुदायिक निगरानी को मजबूत करना और परिवारों में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है। बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना समाज की जिम्मेदारी है।





