छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र शुरू, पुराने भवन में भावुक विदाई माहौल

छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को राष्ट्रगीत और राज्यगीत के साथ शुरू हुआ। यह सत्र मौजूदा विधानसभा भवन का अंतिम सत्र होने के कारण भावुक माहौल में आयोजित किया गया। विधायकों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। यह विदाई सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही नए परिसर में आयोजित की जाएगी।
सत्र के दौरान कई वरिष्ठ और पूर्व विधायक दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, रविंद्र चौबे, नारायण चंदेल और गौरी शंकर अग्रवाल समेत कई पूर्व सदस्यों ने इस क्षण के साक्षी बनते हुए कार्यक्रम में सहभागिता की। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने बताया कि यह भवन लंबे समय तक लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक फैसलों का केंद्र रहा है और अब इसे औपचारिक विदाई दी जा रही है।
अध्यक्ष रमन सिंह ने सत्र के दौरान दिवंगत सदस्यों को भी याद किया। उन्होंने रजनीताई उपासने, बनवारीलाल अग्रवाल और राधेश्याम शुक्ल के निधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके कार्य और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विशेष सत्र के दौरान विधायक अपने कार्यकाल की प्रमुख घटनाओं, चुनौतियों और उपलब्धियों पर भी चर्चा करेंगे। कई विधायकों ने कहा कि पुराने भवन में हुई बहसें, निर्णय और यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। यह सत्र एक तरह से छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय का समापन है।
नए विधानसभा भवन में अब आधुनिक तकनीक, अधिक सुविधाएँ और उन्नत संसाधनों के साथ कार्यवाही संचालित की जाएगी। हालांकि, पुराने भवन की ऐतिहासिक पहचान और उससे जुड़ी भावनाओं ने इस विदाई सत्र को विशेष बना दिया। विधायक और कर्मचारी दोनों ही इस बदलाव को ऐतिहासिक क्षण मानते हुए नई शुरुआत के लिए उत्साहित नज़र आए।





