छठ पूजा 2025: इन 9 फलों के बिना अधूरी मानी जाती है पूजा

छठ महापर्व चल रहा है, जो सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। यह पर्व सूर्य उपासना और मातृत्व शक्ति का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से हो चुकी है, आज खरना है, और अगले दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस व्रत में अर्पित किए जाने वाले फल और प्रसाद का विशेष महत्व है।
मान्यता है कि कुछ विशेष फल छठ मैया को बहुत प्रिय हैं और इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इन फलों में सबसे महत्वपूर्ण है सुथनी, जो शुद्ध और पवित्र फल है। इसे अर्पित करने से दीर्घायु, समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है।
सुपारी को हर शुभ कार्य में उपयोग किया जाता है और यह मंगल, समर्पण और स्थिरता का प्रतीक है। छठ पूजा में सुपारी अर्पित करने से जीवन में शुभता बनी रहती है। मिश्रीकंद मीठा और पौष्टिक फल है, जिसे अर्पित करने से जीवन में मिठास और सकारात्मकता आती है।
शकरकंद का भी विशेष महत्व है। इसे अर्पित करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और घर में स्वास्थ्य व समृद्धि बनी रहती है। बिहार में इसे अल्हुआ भी कहा जाता है। सिंघाड़ा जल में उगने वाला फल है, जिसे खाने से शरीर को ऊर्जा और ताजगी मिलती है।
नारियल छठ पूजा में अर्पित किया जाता है। इसे अर्पित करने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और घर में धन-धान्य बढ़ता है। केला को सबसे पवित्र फल माना जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, केले में भगवान विष्णु वास करते हैं और इसे अर्पित करने से घर में समृद्धि और संतान सुख आता है।
गन्ना का भी छठ महापर्व में विशेष महत्व है। इसे मंडप में स्थापित कर दीप जलाया जाता है। यह सुख और शांति का प्रतीक है। डाभ नींबू को छठ मैया का सबसे प्रिय फल माना जाता है। इसे अर्पित करने से पूजा का महत्व और शुभता बढ़ती है।
इन फलों के माध्यम से छठ पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार में समृद्धि, सौहार्द और मानसिक शांति का प्रतीक बनती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन फलों को लेकर छठ पूजा करते हैं, जिससे यह पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है।
छठ पूजा का महत्व इन फलों के माध्यम से बढ़ता है
इन फलों का चयन और अर्पण श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य माना जाता है। यह न केवल धार्मिक कृत्य है, बल्कि परिवार में सौहार्द और समृद्धि का प्रतीक भी बनता है। छठ महापर्व इन विशेष फलों के बिना पूरी तरह सफल नहीं माना जाता।





