बंगाल वोटिंग में बवाल—EVM पर उठे सवाल, बीरभूम-मुर्शिदाबाद में हिंसा और झड़पें

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में हालात अचानक बिगड़ गए। ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों के बीच कई जगहों पर तनाव हिंसा में बदल गया, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया।
बीरभूम के खैराशोल इलाके में ग्रामीणों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। गुस्साए लोगों ने पत्थरबाजी की और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें कुछ जवान और एक वाहन चालक घायल हो गए।
EVM पर गंभीर आरोप
स्थानीय मतदाताओं का आरोप है कि वे तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाल रहे थे, लेकिन वोट भारतीय जनता पार्टी को जा रहा था। इस शिकायत के सामने आने के बाद बूथ पर मतदान कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खैराशोल ब्लॉक के बुधपुर गांव के बूथ नंबर 65 पर करीब 200 वोट पड़ने के बाद यह मामला सामने आया। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
झड़प और बढ़ा तनाव
स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच बहस के बाद झड़प शुरू हो गई। काफी देर तक ईंट-पत्थर चलते रहे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इलेक्शन अधिकारियों ने पहले ही आशंका जताई थी कि शाम के समय कुछ जिलों में तनाव बढ़ सकता है, और ठीक उसी दौरान ये घटनाएं सामने आईं।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इधर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारी मतदान को अपनी पार्टी के पक्ष में बताते हुए दावा किया कि जनता बदलाव नहीं, बल्कि उनके समर्थन में वोट कर रही है।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से भी मामले की जांच की उम्मीद है।





