CG में साइबर क्राइम एक्सपर्ट की कमी; हाईकोर्ट ने चिंता जताई, केंद्र से मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने प्रदेश में साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा और जल्द एक्सपर्ट की नियुक्ति करने का निर्देश दिया है।
शिरीन मालेवर द्वारा दायर जनहित याचिका में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि देश के 16 राज्यों में यह नियुक्ति की जा चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि साइबर क्राइम में वृद्धि हो रही है और ऐसे में विशेषज्ञ की नियुक्ति की अत्यंत आवश्यकता है।
केंद्र सरकार से शपथपत्र मांगा गया
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है और कहा है कि साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए क्योंकि छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की है, और उम्मीद जताई है कि तब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करेगी।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
- किसी को भी अपने बैंक अकाउंट की जानकारी या UPI पिन न दें।
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर करने से बचें।
- नियमित रूप से अपने पासवर्ड बदलते रहें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
- किसी ऐप को इंस्टॉल करते वक्त उसकी गाइडलाइंस ध्यान से पढ़ें।





