मध्यप्रदेश से अध्ययन कर लौटे छत्तीसगढ़ के किसान-अधिकारी, आधुनिक सिंचाई से बदलेगी खेती की तस्वीर

बिलासपुर।जशपुर जिले की मैनी नदी पर प्रस्तावित बगिया MCAD दाबित उद्वहन सिंचाई योजना को लेकर छत्तीसगढ़ का किसान और अधिकारी दल मध्यप्रदेश का अध्ययन दौरा पूरा कर वापस लौट आया है। 16 से 20 जनवरी तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद दल मंगलवार को बिलासपुर–इंदौर ट्रेन से बिलासपुर पहुंचा। उसलापुर रेलवे स्टेशन पर किसानों और अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अध्ययन से लौटे किसानों ने इसे खेती-किसानी के लिए बेहद उपयोगी और आंखें खोलने वाला अनुभव बताया।
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अप्रैल 2025 में शुरू किए गए MCAD (मॉडर्नाइजेशन ऑफ कमांड एरिया डेवलपमेंट) कार्यक्रम के तहत इस योजना को मंजूरी मिली है। जशपुर जिले के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम बगिया क्लस्टर को 95 करोड़ 89 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से बगिया समेत 13 गांवों के करीब 9866 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसम में आधुनिक सिंचाई सुविधा मिलेगी।
योजना के तहत 30 सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इसके बाद 5 वर्षों तक संचालन और संधारण की जिम्मेदारी भी तय की गई है। MCAD योजना में अत्याधुनिक दाबित पाइप सिंचाई नेटवर्क, सौर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था, SCADA और IoT तकनीक से जल प्रबंधन, GIS मैपिंग और जल उपयोग दक्षता पर विशेष जोर दिया गया है। इससे “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के सिद्धांत पर कम पानी में ज्यादा उत्पादन संभव होगा और किसानों की आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।
अध्ययन दल ने मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की मोहनपुरा और कुंडालिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं का गहन अध्ययन किया। दल में जल संसाधन विभाग, कृषि और उद्यानिकी विभाग के 32 अधिकारी-कर्मचारी और योजना से लाभान्वित 13 गांवों के 26 किसान शामिल थे। किसानों का कहना है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक तकनीक से खेती की व्यावहारिक जानकारी मिली है। यह अध्ययन दौरा छत्तीसगढ़ में स्मार्ट और टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





