रेलवे अव्यवस्था: रद्द ट्रेनें, देर से पहुंचती गाड़ियां… और अब बढ़ा किराया: यात्रियों में नाराज़गी

बिलासपुर सहित देशभर के यात्रियों को रेलवे की अव्यवस्था पहले ही परेशान कर रही थी, अब किराया बढ़ने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 26 दिसंबर से एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के किराए में 5 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है, जिससे यात्रियों में भारी नाराज़गी है।
रेलवे का दावा है कि वह यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और समय पर सेवा देने के लिए काम कर रहा है, लेकिन ज़मीन पर स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई देती है। रखरखाव और विकास कार्यों के नाम पर कई ट्रेनें लगातार रद्द की जा रही हैं, और जो ट्रेनें चल रही हैं, वे घंटों की देरी से पहुंच रही हैं। इससे रोज़ाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोग, छात्र और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर जानकारी सही समय पर नहीं मिलती। कई बार ट्रेनें अचानक रद्द हो जाती हैं या समय बदल दिया जाता है, जिससे पूरी यात्रा योजना खराब हो जाती है। इसी बीच किराया बढ़ने से उन लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है, जो पहले से ही रेलवे सेवा से असंतुष्ट हैं।
यात्रियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पहले ट्रेनें समय पर चलनी चाहिए और सेवाएं सुधारी जानी चाहिए, उसके बाद ही किराया बढ़ोतरी पर विचार होना चाहिए। लोग सवाल कर रहे हैं ,जब सेवाएं ही पटरी से उतरी हैं, तो किराया बढ़ाने की जरूरत क्यों?
अब देखना यह है कि बढ़ते विरोध और असंतोष को देखते हुए रेलवे आगे क्या कदम उठाता है।





