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राजधानी में बंटी-बबली गैंग का पर्दाफाश, फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र देकर की लाखों की लूट

रायपुर। प्रार्थिया मोनिका मिर्धा ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह मूलतः ग्राम सांकरा जिला महासमुंद की निवासी है तथा वर्तमान मे मौली पारा ताज चौक तेलीबांधा रायपुर में रहती है एवं वर्तमान में बेरोजगार है। प्रार्थिया जनवरी 2024 से अप्रैल 2024 तक दुबे कालोनी मोवा रायपुर में किराये के मकान में रहती थी। इसी दौरान जनवरी 2024 में प्रार्थिया की पहचान कुसुम यादव से हुई थी, जो स्वयं को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में स्टॉफ नर्स के पद पर कार्यरत होना बतायी थी।

कुसुम यादव ने अपने परिचित हरीश पटेल के माध्यम से प्रार्थिया की सरकारी नौकरी जिला रायगढ़ के पुसौर में स्टॉफ नर्स के पद पर लगवाने का आश्वासन दिया तथा नौकरी लगवाने के नाम पर प्रार्थिया से ढाई लाख रुपये की मांग की, जिस पर प्रार्थिया उनके झांसे में आकर अलग- अलग तिथियों में हरीश पटेल के खाता में कुल 1,25,000/- (एक लाख पच्चीस हजार रूपये) ट्रांसफर कर दी तथा शेष रकम नौकरी लग जाने के बाद देने की बात तय हुई। दिनांक 30.03.2024 को कुसुम यादव प्रार्थिया को नियुक्ती प्रमाण पत्र दी जो कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी जिला बलौदा बाजार भाटापारा (छ.ग.) के कार्यालय से जारी हुआ था, जिसमें दिनांक 29.05.2024 को प्रार्थिया को अपने कार्य में उपस्थित होना था। प्रार्थिया उक्त नियुक्ती प्रमाण पत्र को लेकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी विभाग जिला बलौदा बाजार भाटापारा जाकर नियुक्ती प्रमाण पत्र को दिखायी, जिस पर नियुक्ति पत्र फर्जी होना पाया गया।

प्रार्थिया द्वारा कुसुम यादव एवं हरीश पटेल को इस संबंध में जानकारी देकर अपने द्वारा दिये गये पैसा को वापस मांगने पर दोनों प्रार्थिया को पैसा वापस करने का आश्वासन देते रहे, किंतु पैसा वापस नहीं दिये। कुसुम यादव एवं हरीश पटेल द्वारा प्रार्थिया को स्वास्थ विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर प्रार्थिया से 1 लाख 25 हजार रुपये प्राप्त कर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र जारी कर प्रार्थिया के साथ ठगी किया गया।

इसी प्रकार कुसुम यादव एवं हरीश पटेल द्वारा पिंकी पटेल, सुनीता पटेल निवासी दुर्गापाली सराईपाली, मनीष सिन्हा, श्रद्धाजंली प्रजापति एवं गिरजा साहू नामक व्यक्तियों को भी अलग – अलग विभागों में शासकीय नौकरी लगाने का झांसे देते हुये उनसे भी लाखों रूपये प्राप्त कर उन्हें भी फर्जी नियुक्ती प्रमाण पत्र देकर उनके साथ भी ठगी किया गया, कि प्रार्थियों की रिपोर्ट पर दोनों आरोपियों के विरूद्ध थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 361/24 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रूपये ठगी करने की घटना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन अजय कुमार (भा.पु.से.) एवं थाना प्रभारी पण्डरी निरीक्षक कमलेश देवांगन को आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी पंडरी के नेतृत्व में थाना पण्डरी पुलिस की टीम द्वारा घटना के संबंध में समस्त प्रार्थियों से पूछताछ कर आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाने के साथ ही आरोपियों के छिपने के हर संभावित ठिकानों में लगातार रेड कार्यवाही कर आरोपियों की पतासाजी के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों को आरोपियों की पतासाजी करते हुए प्रकरण में आरोपी हरीश पटेल एवं कुसुम यादव को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

प्राप्त साक्ष्यों के आधार आरोपी हरीश पटेल एवं कुसुम यादव से पूछताछ करने पर दोनों के द्वारा उक्त व्यक्तियों को शासकीय नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रूपये प्राप्त कर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देना बताया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा इसके अतिरिक्त अन्य कई बेेरोजगारों को भी नौकरी लगवाने का झांसा देते हुये उनसे लाखों रूपये प्राप्त करना बताया गया है, जिस संबंध में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रहीं है। महिला आरोपी कुसुम यादव नर्सिंग की पढ़ाई पश्चात् डॉ. बी.आर. अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में इंटर्नशिप कर रहीं है, जो स्वयं को स्टॉफ नर्स होना बताती थी, जिससे बेरोजगार आसानी से उस पर भरोसा कर लेते थे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अपराध से संबंधित 01 नग लैपटॉप, 02 नग मोबाईल फोन एवं फर्जी नियुक्त पत्र जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया।

 

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