रेलवे लाइन किनारे अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर चार दुकानें ध्वस्त

दुर्ग में रेलवे लाइन से लगे अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के पालन में की गई। सुबह से ही मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात रहा, जबकि अन्य प्रभावित पक्षों को न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई फिलहाल टाल दी गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
दुर्ग-बालोद रेलवे लाइन के किनारे स्थित बोरसी भाठा क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित स्थानों पर नोटिस चस्पा किए गए, जिसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एसडीएम न्यायालय द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद संभव हो सकी। प्रभावित पक्षों ने पहले अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया था।
सुबह से तैनात रहा प्रशासनिक अमला
कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुबह करीब पांच बजे से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम कार्यालय के अधिकारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच चार दुकानों को हटाया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई और पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में पूरी की गई।
33 मामलों में स्टे, चार निर्माणों पर कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, न्यायालय ने कुल 37 अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए थे। इनमें से 33 प्रभावित पक्षों ने न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है, जिसके कारण उन स्थानों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा सकी।
चार ऐसे निर्माण थे जिनके पास कोई स्थगन आदेश नहीं था। इसी आधार पर नगर निगम ने उन दुकानों को ध्वस्त किया। प्रशासन का कहना है कि जिन मामलों में न्यायालय से राहत नहीं मिली है, वहां नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही सार्वजनिक भूमि और रेलवे लाइन से लगे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को हटाने का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।





