धर्मांतरण के खिलाफ बिगुल, खाटू श्याम मंदिर में हुई अहम बैठक

बिलासपुर। शहर में एक बार फिर जबरन धर्मांतरण के मामलों को लेकर सनातनी समाज ने सख्त रुख अपनाया है। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित खाटू श्याम मंदिर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के प्रबुद्ध जनों, धर्माचार्यों और युवाओं ने हिस्सा लेकर धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
बैठक का उद्देश्य था—हिंदू समुदाय के लोगों को लालच, भय या मानसिक दबाव के ज़रिए किए जा रहे धर्मांतरण के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करना।
संविधान की आड़ में छल – वक्ताओं का स्पष्ट संदेश
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता देता है, लेकिन जब यही स्वतंत्रता किसी को धोखे, लालच या दबाव के माध्यम से धर्म बदलने को मजबूर करे, तो यह असंवैधानिक है और सामाजिक सौहार्द्र के लिए खतरा भी बन जाता है।
सांस्कृतिक एकता पर मंडराता खतरा
बैठक में यह चिंता जाहिर की गई कि अगर धर्मांतरण की घटनाओं को समय रहते नहीं रोका गया, तो इसका असर भारतीय संस्कृति, सामाजिक ताने-बाने और धार्मिक सौहार्द्र पर पड़ सकता है।
धर्माचार्यों और युवा प्रतिनिधियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे इस मुद्दे पर समाज को जागरूक करेंगे और प्रशासन से लगातार कार्रवाई की मांग करते रहेंगे।
आगे की रणनीति
बैठक के समापन पर यह निर्णय लिया गया कि जिलेभर में धर्मांतरण के खिलाफ सामूहिक जनसंपर्क, ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान, और जरूरत पड़ी तो शांति मार्च का आयोजन भी किया जाएगा।





