ऑपरेशन सिंदूर के तहत राजस्थान बॉर्डर पर बीएसएफ की सख्त निगरानी
देश की पहली सुरक्षा पंक्ति बनी बीएसएफ

दिल्ली। राजस्थान के जैसलमेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान ऑपरेशन सिंदूर के तहत चौकसी के साथ तैनात हैं। बीएसएफ के जवान दिन-रात देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सीमा पार से किसी भी खतरे को रोकने में जुटे हैं।
जैसलमेर बीएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल योगेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि बीएसएफ देश की पहली सुरक्षा पंक्ति है और हमेशा सीमा पर सतर्क रहती है। उन्होंने कहा, “1971 की भारत-पाक युद्ध हो या करगिल युद्ध, हर बार बीएसएफ ने अपनी भूमिका को सिद्ध किया है। 22 अप्रैल की घटना के बाद, जब आतंकियों ने हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या की, हम पूरी तरह तैयार थे। हमने भारत सरकार के फैसले का समर्थन किया और सीमा पर किसी भी दुस्साहस को रोकने की तैयारी की।”
ड्रोन हमलों को भी किया निष्क्रिय
बीएसएफ अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियों में तेजी आई थी। “दुश्मन की ओर से भेजे गए ड्रोन और शेल्स को हमने अपने उपकरणों की मदद से निष्क्रिय किया। भारतीय वायुसेना ने भी बेहतरीन कार्य किया और पाकिस्तान के कई एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। यह हमारे लिए गर्व की बात है,” उन्होंने कहा।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की आक्रामकता का सख्त जवाब दिया। इसके बाद दोनों देशों के डीजीएमओ की बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।





