बीजेपी देश से बड़ी नहीं, ओवैसी का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी देश से बड़ी नहीं है और उनकी पार्टी की लड़ाई सिर्फ सत्ता से नहीं, बल्कि विचारधारा से है। ओवैसी ने कहा, “हम बीजेपी के साथ कभी नहीं खड़े हो सकते, क्योंकि समुद्र के दो किनारे कभी नहीं मिल सकते।”
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके तीन बार प्रधानमंत्री बनने का मतलब यह नहीं कि देश के मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को 50 प्रतिशत गैर-मुस्लिम वोटों के आधार पर सत्ता मिली है और मुसलमानों को बार-बार दोष देना गलत है। ओवैसी ने कहा कि बीजेपी की सोच मुसलमानों के प्रति सब जानते हैं, और AIMIM का मकसद संविधान की रक्षा करते हुए मजलूमों की आवाज उठाना है।
बीजेपी की ‘बी टीम’ कहे जाने पर ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है और वे अपनी राजनीति उसूलों के आधार पर करते हैं, मौकापरस्ती पर नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाए रखना उनका राजनीतिक अधिकार है और जो लोग उन्हें ‘बी टीम’ कहते हैं, उन्हें खुद पर विचार करना चाहिए।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से अपने रिश्तों पर ओवैसी ने कहा कि उनके संबंध क्षेत्र के विकास के कारण अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि रेवंत रेड्डी ने उनके इलाके में मेट्रो का काम शुरू कराया, लेकिन राजनीतिक रूप से AIMIM अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती।
‘I Love Mohammed’ पोस्टर विवाद पर ओवैसी ने नाराजगी जताई और कहा कि अब अपने मजहब से मोहब्बत जताना भी खतरा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अपने फेथ का इजहार किया तो उसमें खतरा कहां है? सरकारों को इस पर विचार करना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई से जुड़े मामले में भी ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी का नाम राकेश किशोर की जगह असद होता, तो बीजेपी सरकार अब तक उसके कई कनेक्शन जोड़ चुकी होती। ओवैसी ने कहा कि यह दोहरे मापदंड का उदाहरण है और ऐसे रवैये से देश को नुकसान होता है।





