छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट पर बर्ड वॉक , कोपरा जलाशय को मिली वैश्विक पहचान

कोपरा/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में सोमवार को एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट बने कोपरा जलाशय में बर्ड वॉक और संगोष्ठी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मौके पर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, विशेषज्ञ और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह ने की। कार्यक्रम के दौरान प्रवासी पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने इसे बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य के किसी जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ग्राम पंचायत कोपरा स्थित कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने से यह छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट बन गई है।
तोखन साहू ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान कोपरा क्षेत्र के दौरे में उन्हें यहां हर साल विदेशों से आने वाले दुर्लभ प्रवासी पक्षियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
उन्होंने कहा कि रामसर साइट का दर्जा मिलने से प्रवासी पक्षियों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। जलाशय के रखरखाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि रामसर गाइडलाइन के अनुसार ही इसका संरक्षण और प्रबंधन किया जाएगा।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यह उपलब्धि सिर्फ कागजों तक सीमित न रहकर कोपरा जलाशय को वास्तव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में कितनी सफल साबित होती है।





