बिलेटेड ITR: अब भी फाइल कर सकते हैं रिटर्न, जानें पूरा तरीका

अगर आप समय सीमा तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं कर पाए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग करदाताओं को बिलेटेड ITR फाइल करने का विकल्प देता है। इसे आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत फाइल किया जाता है। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2025 तक आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

जब कोई करदाता ड्यू डेट यानी 16 सितंबर 2025 के बाद ITR फाइल करता है, तो वह बिलेटेड ITR कहलाता है। हालांकि, इसके साथ कुछ शर्तें और नुकसान भी जुड़े होते हैं। सबसे पहले लेट फीस की बात करें तो अगर आपकी सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक है तो 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं अगर आय 5 लाख रुपये से कम है तो लेट फीस केवल 1,000 रुपये होगी।

बिलेटेड ITR फाइल करने की प्रक्रिया आसान है। इसके लिए आपको इनकम टैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करना होगा। e-File सेक्शन में जाकर ‘Income Tax Return’ का विकल्प चुनें। असेसमेंट ईयर 2025-26 का चुनाव करने के बाद ऑनलाइन फाइलिंग का विकल्प चुनें। इसके बाद अपनी कैटेगरी (जैसे Individual, HUF आदि) और सही ITR फॉर्म (जैसे ITR-1, ITR-2 आदि) का चयन करें। फाइलिंग सेक्शन में धारा 139(4) यानी Belated Return को चुनकर अपनी आय, कटौतियां और टैक्स भुगतान की सभी डिटेल्स भरें और रिटर्न फाइल करें।

हालांकि, बिलेटेड ITR के कुछ नुकसान भी हैं। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप अपने नुकसान (Losses) को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे। साथ ही लेट फीस का बोझ भी उठाना पड़ेगा। इसलिए कोशिश यही होनी चाहिए कि हर साल निर्धारित समय सीमा के भीतर ही रिटर्न दाखिल किया जाए, ताकि किसी भी तरह की अतिरिक्त परेशानी या जुर्माने से बचा जा सके।

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