बिलासपुर स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर एक बना मालगाड़ियों का अड्डा, यात्री और व्यापारी मायूस

बिलासपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर एक इन दिनों बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यह प्लेटफॉर्म, जो कभी यात्रियों की भीड़ और हलचल का केंद्र हुआ करता था, अब मालगाड़ियों का अड्डा बन चुका है। पहले जहां हर घंटे कोई न कोई यात्री ट्रेन रुकती थी, अब यहां सूना-सूना सा माहौल है। प्लेटफॉर्म पर अब मुश्किल से 11 यात्री ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें से कई ट्रेनें साप्ताहिक होती हैं और कई बार तो रद्द हो जाती हैं। इसके उलट, हर दिन 20 से ज्यादा मालगाड़ियां यहां से गुजरती हैं।
यह बदलाव न सिर्फ यात्रियों के लिए, बल्कि प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए भी मायूसी का कारण बन चुका है। स्टॉल संचालकों के अनुसार, उनके व्यवसाय में आधे से ज्यादा की गिरावट आई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक की रौनक ही उनकी रोज़ी-रोटी का स्रोत थी, जो अब खत्म होती जा रही है।
सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रेन अलॉटमेंट परिचालनिक जरूरतों के हिसाब से किया जाता है। हालांकि, स्टेशन की सन्नाटे ने यहां के व्यापारियों, बुजुर्ग यात्रियों और दिव्यांगों की उम्मीदें तो तोड़ दी हैं।
फिलहाल, इस प्लेटफॉर्म पर जो कुछ ट्रेनें रुकती हैं, उनमें टिटलागढ़ पैसेंजर, रायगढ़ लोकल, उत्कल एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस, शिवनाथ एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और कुछ साप्ताहिक ट्रेनें शामिल हैं। लेकिन इस बदलाव ने सिर्फ ट्रेनों को नहीं, बल्कि उन ज़िंदगियों को भी प्रभावित किया है जो इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी थीं।





