बिहार चुनाव 2025: पंचायत भत्ता दोगुना और चुनावी वादों की झलक

पटना। बिहार में छठ महापर्व के बीच विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है। RJD, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां सरकार को रोजगार, पलायन और अपराध के मामलों में घेर रहे हैं, वहीं NDA में शामिल भाजपा-जेडीयू लालू यादव के जंगलराज का जिक्र कर वोटरों को लुभाने में जुटी है। सभी दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वादे और बयानबाजी कर रहे हैं।
महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और RJD नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य ग्राम प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना किया जाएगा। साथ ही पूर्व पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने BJP को 20 साल दिए, अब महागठबंधन सिर्फ 20 महीने मांग रहा है और जनता पर भरोसा है कि इस बार बदलाव आएगा।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने RJD और कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि जनता जुमलेबाजों पर विश्वास नहीं करती। उन्होंने नीतीश कुमार और पीएम मोदी के नेतृत्व में बिहार के विकास पर जोर दिया।
इस बीच NDA में शामिल नेता हरि सहनी ने महागठबंधन के डिप्टी सीएम चेहरे पर तंज कसा और कहा कि विपक्ष अब मान चुका है कि वे सरकार नहीं बना सकते।
राजनीतिक सरगर्मी के बीच सुरक्षा की घटनाएं भी सामने आई हैं। बेतिया में बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को अज्ञात व्यक्तियों से ₹10 करोड़ की रंगदारी और बेटे को जान से मारने की धमकी मिली। SDPO विवेक दीप ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है और आरोपी की पहचान कर ली गई है।
बिहार चुनाव 2025 में पंचायत भत्ता, पेंशन और सुरक्षा सहित कई मुद्दे चर्चा में हैं, और सभी पार्टियां जनता के बीच अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए सक्रिय हैं।





