पीएम आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, पात्रों के नाम पर स्वीकृति – राशि उठा ले गए दूसरे लोग!

बिलासपुर/तखतपुर।
बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बांधा से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। योजना के तहत स्वीकृति किसी पात्र हितग्राही के नाम से हुई, लेकिन राशि का भुगतान किसी अन्य व्यक्ति के खाते में किया गया। इस प्रकार के मामले गांव में एक-दो नहीं, बल्कि छह से अधिक सामने आए हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है।
फर्जीवाड़ा या सुनियोजित मिलीभगत?
ग्रामीणों का आरोप है कि यह चूक नहीं बल्कि स्थानीय कर्मचारियों और जनपद स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है। शिकायतकर्ता वेदप्रकाश अग्रवाल और सरस्वती मरावी ने बताया कि यह एक सुनियोजित फर्जीवाड़ा है, जिसमें एक पूरा गिरोह सक्रिय हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिलना था, उन्हें अब ठगा गया महसूस हो रहा है। कुछ मामलों में तो पात्र हितग्राहियों के नाम को पूरी तरह विलोपित कर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर आवास स्वीकृत कर लिया गया है।
कब होगी कार्रवाई?
इतनी बड़ी गड़बड़ी के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सिस्टम पर सवाल
पीएम आवास योजना जैसे महत्वाकांक्षी और गरीबों के लिए बनी योजना में यदि इस प्रकार की धांधली हो रही है, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि पात्रों तक योजनाओं का लाभ आखिर कैसे पहुंचेगा?
ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर फर्जी आवास स्वीकृति और राशि भुगतान से जुड़े दोषियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी गरीबों के हक पर डाका न डाल सके।





