जेवर एयरपोर्ट के नाम पर जमीन घोटाला, फर्जी बिल्डरों से सावधान रहें

जेवर एयरपोर्ट के बनने के बाद नोएडा और आसपास की जमीनों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। इस मौके का फायदा उठाकर कई बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर लोगों को धोखा दे रहे हैं। ये बिल्डर उन जमीनों को बेच रहे हैं जिन पर उनका न तो मालिकाना हक है और न ही बिक्री की अनुमति।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर अक्सर सेल्समैन गाड़ियों को रोककर टाउनशिप प्रोजेक्ट्स के सपने दिखाते हैं। वे खरीदारों को मुफ्त कैब से साइट विजिट कराते हैं और सजे-धजे “शो प्लॉट्स” दिखाते हैं। इसके बाद टोकन राशि के नाम पर पैसे वसूलते हैं और झूठे वादों से उन्हें रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने का भरोसा देते हैं।
असलियत यह है कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट अलीगढ़ की खैर तहसील और आसपास के 92 अधिसूचित गांवों में हैं, जो यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इन जमीनों पर बिना अनुमति कॉलोनियां काटना गैरकानूनी है। इसके बावजूद, फर्जी कंपनियां रेरा से पंजीकरण के बिना विज्ञापन चलाकर भोले-भाले लोगों को फंसा रही हैं।
कई मामलों में एक ही प्लॉट कई लोगों को बेच दिया जाता है। नकली कागजात और जाली मंजूरियां दिखाकर इन कॉलोनाइजर्स ने करोड़ों रुपये ठगे हैं। हाल ही में अलीगढ़ और जेवर क्षेत्र में दर्जनों अवैध कॉलोनियां पकड़ी गईं और करोड़ों की जमीन जब्त की गई। पुलिस और YEIDA लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन धोखाधड़ी का जाल बहुत बड़ा है।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि जमीन YEIDA से आवंटित या अनुमोदित नहीं है तो वह अवैध है। इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले सरकारी रिकॉर्ड और प्राधिकरण से पुष्टि करना जरूरी है। वरना एयरपोर्ट के पास घर का सपना मिट्टी में मिल सकता है।





