B.ED सहायक शिक्षकों को मिला भूपेश बघेल और शिक्षक मोर्चा का समर्थन, आदेश रद्द करने की मांग को लेकर लिखा सीएम को पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीएड डिग्रीधारी नौकरी से निकालने वाले आदेश को रद्द करने और समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तूता धरना स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने सहायक शिक्षकों के साथ बातचीत की है।

कल भाजपा कार्यालय में सहायक शिक्षकों ने उग्र प्रदर्शन किया था। जहां 30 सहायक शिक्षकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वहीं B.ED सहायक शिक्षकों के समर्थन में शिक्षक मोर्चा भी उतर आया है। शिक्षक मोर्चा ने सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सहायक शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रखने की मांग की है। शिक्षक मोर्चा मांग के समर्थन में सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन कर सकता है। बीते 16 दिनों से अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं।

नए साल के पहले दिन ही बीजेपी दफ्तर के बाहर नौकरी से निकाले जाने की आशंका पर सहायक शिक्षकों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक शिक्षकों को हटाया। प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने शिक्षकों से बात करते हुए कहा कि, सरकार कमेटी बनाकर मांगो पर विचार करेगी। बता दें कि, बीएड डिग्रीधारी नौकरी से निकालने वाले आदेश को रद्द करने और समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। दरअसल, उन्हें डीपीआई की ओर से डिस्ट्रिक एजुकेशन आफिसर्स को पत्र भेजे जाने की सूचना मिली है।

कहा जा रहा है कि, डीईओ कार्यालय से शिक्षकों की बर्खास्तगी का आदेश जल्द ही जारी हो सकता है। वहीं हंगामा बढ़ने की आशंकाओं को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंच गई है, साथ ही प्रशासनिक अफसर भी मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी ठोस आश्वासन मिले बिना भाजपा कार्यालय से हटने को तैयार नहीं हैं। डीएलएड डिप्लोमाधारी

अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इनकी नियुक्ति को तय मापदंडों के विपरीत बताते हुए उनकी जगह मेरिट के आधार पर डीएलएड डिप्लोमाधारी उम्मीदवारों को नियुक्त करने की गुहार लगाई थी। इस मामले की सुनवाई के करते हुए हाई कोर्ट ने इनकी आपत्ति को सही ठहराते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर प्राइमरी स्कूलों में बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को बाहर कर डीएलएड डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर सूची बनाने और नियुक्ति आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ऐसे पांच हजार शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने कार्रवाई शुरू करने जा रही है। बस्तर और सरगुजा संभाग की प्राइमरी स्कूलों में बीएड डिग्रीधारी 2900 सहायक शिक्षकों की 14 महीने में पदस्थापना आदेश शासन ने जारी किया है। ये सभी शिक्षक NCTE के गजट और शिक्षा विभाग के जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए व्यापमं की परीक्षा में अच्छे अंक पाकर नियुक्त हुए हैं। परीक्षा के बाद नियमों में बदलाव कर दिया गया। सहायक शिक्षक के लिए डीएलएड डिप्लोमाधारकों को मान्य किया गया है।

प्राइमरी स्कूलों में डीएलएड डिप्लोमाधारकों को शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने के लिए हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद वर्मा ने राज्य सरकार को निर्देश जारी करते हुए सात दिनों के भीतर डिप्लोमाधारकों की चयन सूची जारी करने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने बताया कि, डीएलएड डिप्लोमाधारकों की मेरिट के आधार पर सूची बनाने और जारी करने की जिम्मेदारी व्यापमं को दी गई है। व्यापमं की ओर से इस संबंध में विलंब किया जा रहा है।

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