महाकालेश्वर धाम में 9 डिग्री में महिला साध्वी कर रही हैं जलधारा तपस्या, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल में कड़ाके की ठंड के बीच महिला साधु राधागिरि महाराज की अनोखी तपस्या लोगों का ध्यान खींच रही है। महाकालेश्वर धाम में वे मात्र 9 डिग्री सेल्सियस तापमान में 108 मटकों की जलधारा के बीच ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव की आराधना कर रही हैं।
राधागिरि महाराज सुबह लगभग 5 बजे उठकर अपनी तपस्या आरंभ करती हैं। इस दौरान उनके ऊपर 108 ठंडे पानी से भरे मटकों से लगातार जलधारा डाली जाती है। दो घंटे तक वे बिना विचलित हुए मंत्र जाप और ध्यान में लीन रहती हैं। ठंडे पानी के बावजूद उनके चेहरे पर अडिग श्रद्धा और भक्ति साफ नजर आती है।
महिला साध्वी ने बताया कि तपस्या के लिए वे पूरी तैयारी करती हैं और सभी 108 मटकों को रात में भरकर रख देती हैं ताकि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में साधना बिना किसी बाधा के हो सके। यह तपस्या न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा है।
दूसरे दिन, जलधारा शुरू होते ही महाकालेश्वर धाम में ॐ नमः शिवाय के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु साधना को देखने के लिए पहुंचे। महंत नवीनगिरि महाराज ने बताया कि यह 11 दिवसीय जलधारा तपस्या वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है और लोगों को आस्था, संयम और साधना का संदेश देती है।
तपस्या 14 जनवरी तक लगातार 11 दिनों तक चलेगी।





