एशिया कप ट्रॉफी विवाद: मोहसिन नक़वी की ‘हिस्ट्रीशीट’ और भारतीय टीम का बहिष्कार

एशिया कप का फाइनल जितना रोमांचक रहा, उतना ही विवादों से भी भर गया। भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता, लेकिन ट्रॉफी को लेकर सियासी रंग चढ़ गया। एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी को विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपनी थी। भारतीय खिलाड़ियों ने उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि नक़वी कई मौकों पर भारत विरोधी बयान देते रहे हैं। इसके बाद नक़वी ट्रॉफी लेकर ही मंच से उतर गए और भारतीय टीम ने बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया।
मोहसिन नक़वी का सफर पत्रकारिता से शुरू होकर राजनीति और क्रिकेट प्रशासन तक पहुंचा है। लाहौर से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में डिग्री ली। करियर की शुरुआत उन्होंने सीएनएन से की और फिर पाकिस्तान लौटकर सिटी न्यूज नेटवर्क (City42) की स्थापना की। बाद में वे राजनीति में आए और 2022 में पंजाब प्रांत के अस्थायी मुख्यमंत्री बने। इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार और अधिकारियों के अवैध तबादले जैसे आरोप भी लगे। फरवरी 2024 में वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन बने और इसके बाद ACC के अध्यक्ष बने।
भारत द्वारा ट्रॉफी लेने से इनकार पर नक़वी का ट्रॉफी लेकर चले जाना विवाद का केंद्र बन गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उनकी हरकत को बचकाना बताया और कहा कि यह मुद्दा नवंबर में दुबई में होने वाली आईसीसी की बैठक में उठाया जाएगा।
भारतीय टीम ने इस एशिया कप में अपने सभी सात मैच जीते, जिनमें पाकिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबले भी शामिल थे। जीत के बाद प्रधानमंत्री ने इसे खेल के मैदान में “ऑपरेशन सिंदूर” करार दिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत-पाक मुकाबला केवल क्रिकेट नहीं बल्कि सम्मान और सियासत से भी जुड़ा होता है।





