फर्जी डॉक्टर केस में अपोलो अस्पताल ने सौंपी डिग्री, जांच जारी

बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में सामने आए फर्जी डॉक्टर मामले में अब जांच तेज हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने जांच टीम को डॉ. नरेंद्र की डिग्री की कॉपी सौंप दी है। हालांकि, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज अभी तक नहीं दिए गए हैं। अस्पताल ने इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
चेन्नई से हुई थी डॉक्टर की पोस्टिंग
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डॉ. नरेंद्र की नियुक्ति चेन्नई स्थित हेड ऑफिस से की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिग्री और दस्तावेज अब राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), दिल्ली को भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर की योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अगली कार्रवाई तय की जाएगी। अगर दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हाईप्रोफाइल मामलों से जुड़ चुका है डॉक्टर का नाम
यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब दमोह के फर्जी डॉक्टर केस के बाद डॉ. नरेंद्र का नाम भी चर्चा में आया। बताया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की सर्जरी भी की थी, जिसके कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। ऐसे में डॉक्टर की योग्यता को लेकर अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है।





