छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू, जबरन धर्म बदलवाने पर कड़ी सजा का प्रावधान

रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार का धर्मांतरण से जुड़ा नया कानून अब लागू हो गया है। विधानसभा में पास होने के बाद इस विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है।
इस कानून का मकसद जबरन, धोखे या लालच देकर धर्म बदलवाने पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि राज्य में ऐसे मामलों से सामाजिक तनाव बढ़ रहा था, इसलिए सख्त कानून जरूरी था।
अब अगर कोई व्यक्ति धर्म बदलना चाहता है, तो उसे पहले सरकारी अधिकारी को आवेदन देना होगा। इसके बाद जांच होगी और सार्वजनिक रूप से जानकारी दी जाएगी, ताकि कोई आपत्ति हो तो सामने आ सके। जांच पूरी होने के बाद ही धर्म परिवर्तन की अनुमति मिलेगी।
इस कानून में सख्त सजा का भी प्रावधान है।
- सामान्य अवैध धर्मांतरण पर 7 से 10 साल तक जेल और जुर्माना
- महिलाओं, नाबालिगों या एससी-एसटी वर्ग के मामलों में 10 से 20 साल तक सजा
- सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास तक की सजा
इसके अलावा, अगर कोई सरकारी कर्मचारी इस अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके लिए भी कड़ी सजा तय की गई है।
सरकार ने साफ किया है कि हर व्यक्ति को अपनी मर्जी से धर्म चुनने की आजादी है, लेकिन यह बदलाव किसी दबाव या लालच से नहीं होना चाहिए।






