फाइनेंस बैंक घोटाले में एक और गिरफ्तारी, 85 लाख रुपये के गबन से हड़कंप

दुर्ग में फाइनेंस बैंक से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें पुलगांव पुलिस ने बैंक के एक और कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में अब तक की दसवीं गिरफ्तारी है। पुलिस के अनुसार, ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, दुर्ग शाखा के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली की गई लोन की रकम को बैंक में जमा न करते हुए निजी उपयोग में खर्च कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, हिरन बाई साहू, ग्राम चंद्रखुरी सहित कुल 239 ग्राहकों से लगभग 85 लाख रुपये की राशि एकत्र की गई थी। जब बैंक ने जांच की तो सामने आया कि यह रकम बैंक के खाते में जमा नहीं की गई। ग्राहकों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने लोन की रकम पहले ही चुका दी थी, लेकिन संग्रहण कर्मचारियों ने वह धनराशि हड़प ली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कुल ₹84,98,940 का गबन किया गया है।
इस मामले में पुलगांव थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 546/2025 के तहत धारा 420, 409 और 120-बी भादंवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। अब तक इस घोटाले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें से छह को 10 नवंबर को और तीन को पिछले दिन न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। नवीनतम गिरफ्तारी में आरोपी हरीश पोया (28 वर्ष), निवासी चिनौरी, थाना चारामा, जिला कांकेर को पकड़ा गया है।
पुलिस का कहना है कि यह बैंकिंग धोखाधड़ी का संगठित नेटवर्क प्रतीत होता है, जिसमें कई स्तरों पर कर्मचारियों की मिलीभगत रही है। जांच जारी है और पुलिस अन्य संदिग्ध कर्मचारियों तथा लेन-देन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गबन की रकम कहां खर्च की गई और इसमें और कौन शामिल था।





