बुलंदशहर में अनोखी चोरी: स्प्लेंडर छोड़ सभासद की बुलेट ले उड़ा चोर

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से वाहन चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस ही नहीं, स्थानीय लोगों को भी हैरानी में डाल दिया. कोतवाली नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 में देर रात एक शातिर चोर अपनी स्प्लेंडर बाइक गली में चालू हालत में खड़ी कर, वार्ड सभासद योगेश गुप्ता की रॉयल एनफील्ड बुलेट लेकर फरार हो गया. पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 1 बजे एक युवक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर गली में दाखिल हुआ. फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने पहले आसपास के माहौल का बारीकी से मुआयना किया. वह गली की आवाजाही, लाइट और संभावित निगरानी को परखता दिखा. कुछ देर के निरीक्षण के बाद उसने अपनी स्प्लेंडर बाइक गली में इस तरह खड़ी की कि वह चालू हालत में बनी रहे. इसके बाद वह पैदल सभासद के घर के बाहर खड़ी बुलेट बाइक की ओर बढ़ा.
चोर करीब एक–दो मिनट तक बुलेट को स्टार्ट करने की कोशिश करता रहा. जैसे ही बाइक स्टार्ट हुई, उसने बिना समय गंवाए उसे मोड़ा और तेज रफ्तार में मौके से गायब हो गया. सुबह जब सभासद योगेश गुप्ता घर के बाहर निकले, तो उन्हें अपनी बाइक गायब मिली. शुरुआत में उन्होंने सोचा कि शायद कोई परिचित बाइक ले गया हो, पर संदेह बढ़ने पर परिवार ने सीसीटीवी कैमरा चेक किया. फुटेज देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने कहा कि यह घटना निश्चित तौर पर असामान्य है, क्योंकि चोर अक्सर चोरी किए वाहन का उपयोग भागने में करता है, पर अपना वाहन छोड़कर जाना उसकी “कॉन्फिडेंस और प्लानिंग” दर्शाता है. उन्होंने बताया कि फुटेज की मदद से टीम आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बीते एक महीने में नगर क्षेत्र से करीब 10–12 वाहन चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं. बढ़ती घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वार्ड के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात की गश्त और सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने की ज़रूरत है. पुलिस ने स्प्लेंडर बाइक को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है, ताकि फिंगरप्रिंट, इंजन नंबर ट्रेस और अन्य सुराग जुटाए जा सकें.
कानूनी विशेषज्ञों की मानें, तो सीसीटीवी जैसे डिजिटल सबूत मजबूत साक्ष्य बनते हैं, पर अपराध रोकथाम के लिए सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा ढांचे का बेहतर होना उससे भी ज़रूरी है. फिलहाल बुलंदशहर पुलिस इस चुनौती को सुलझाने में जुटी है, जबकि यह वारदात लोगों के बीच चर्चा का बड़ा केंद्र बनी हुई है.





