महासमुंद के आंगनबाड़ी केंद्र ने बच्चों और महिलाओं के विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

महासमुंद जिले के ग्राम शेर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र शेर कमांक 1 ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरी बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है। यह केंद्र अब एक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उभरा है। यहां की कार्यकर्ता पुष्पा साहू और सहायिका सावित्री साहू ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र में दीवारों पर रंग-बिरंगे चित्र बनाए गए हैं, जो बच्चों के लिए आकर्षक बनाते हैं। इसके अलावा, बच्चों को पोषण के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा भी मिल रही है। यहां 3 गर्भवती महिलाएं, 4 धात्री, 18 बच्चे (6 माह से 3 वर्ष), 25 बच्चे (3 से 6 वर्ष) और 15 किशोरी बालिकाएं पंजीकृत हैं।
कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा पालकों को स्वास्थ्य और पोषण शिक्षा दी जा रही है, और विभिन्न समुदाय आधारित कार्यक्रम जैसे सुपोषण चौपाल और व्हीएचएसएनडी दिवस आयोजित किए जा रहे हैं। इस केंद्र में अभी तक कोई गंभीर कुपोषित या सैम बच्चे नहीं हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र में विभाग की विभिन्न योजनाओं का प्रचार किया गया है, जिसमें नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना पूरी तरह से सफल रही हैं। इसके अलावा, यहां के बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए टीवी, आर.ओ. और अन्य सामग्री भी दी गई है।
यह केंद्र न केवल बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है, बल्कि अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी एक आदर्श बन गया है।





