अंबानी-अडानी को मिल रहे एयरपोर्ट-बंदरगाह, आम आदमी लोन में डूबा — कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा शासन में देश की अर्थव्यवस्था कुछ अरबपतियों के फायदे के लिए काम कर रही है जबकि आम आदमी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार का मॉडल सिर्फ अरबपतियों को और अमीर बनाने और मध्यम वर्ग व गरीब को और परेशान करने वाला है।
“मध्यम वर्ग पर बोझ, अरबपतियों के लिए बोनस”
कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों की संपत्ति 2023 से 2025 के बीच 40% से अधिक बढ़ गई है। वहीं दूसरी तरफ, आम आदमी पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के मुताबिक, देश में 55% घरेलू ऋण अब संपत्ति बनाने के लिए नहीं बल्कि उपभोग की जरूरतें पूरी करने के लिए लिया जा रहा है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के शासन में मध्यम वर्ग के परिवारों को समृद्ध होने के लिए नहीं, बल्कि जीवन यापन करने के लिए लोन लेना पड़ रहा है।
“लोन में डूब रहा आम आदमी”
कांग्रेस के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच प्रति व्यक्ति घरेलू ऋण ₹3.9 लाख से बढ़कर ₹4.8 लाख हो गया है। खर्च बढ़ गया है लेकिन आमदनी जस की तस है। पार्टी ने कहा कि जहां एक ओर आम लोग EMI चुकाने में परेशान हैं, वहीं अडानी समूह का मुनाफा 40% से ज्यादा बढ़ गया है और अंबानी नए 5G और तेल सौदों में व्यस्त हैं।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि डिस्पोजेबल इनकम का 25.7% हिस्सा अब कर्ज चुकाने में जा रहा है। मध्यम वर्ग अपने भविष्य को संवारने की बजाय क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाने में फंस चुका है।
“यह विकास नहीं, धन का हस्तांतरण है”
कांग्रेस ने इसे “विकास” नहीं बल्कि “धन हस्तांतरण” करार दिया — जो मध्यम वर्ग से बड़े उद्योगपतियों की ओर हो रहा है। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रम, एयरपोर्ट और बंदरगाह अंबानी-अडानी जैसे पूंजीपतियों को उपहार में दे रही है जबकि आम आदमी घर खरीदने के लिए संघर्ष कर रहा है।
कांग्रेस का विजन
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का विजन राहुल गांधी के नेतृत्व में NYAY, आवास का अधिकार, और न्यायपूर्ण आर्थिक व्यवस्था पर आधारित है। कांग्रेस ने लोगों से अपील की कि इस ‘लूट’ को खत्म करने का समय आ गया है और अब अरबपतियों की नहीं, बल्कि लोगों की अर्थव्यवस्था बनानी होगी।





