आरोप बेबुनियाद: ई-जिला प्रबंधक आफताब अहमद खान ने दी सफाई

बिलासपुर: ई-जिला प्रबंधक आफताब अहमद खान पर सीएससी संचालकों द्वारा लगाए गए आरोपों को उन्होंने झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि न तो उन्होंने किसी का भुगतान रोका है और न ही किसी की आईडी बंद कराने की धमकी दी है। उन्होंने आरोप लगाने वाले संचालकों पर पहले से ही जांच चलने की बात कही और दावा किया कि जांच से बचने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत अमसेना के सीएससी संचालक अरविंद पटेल और अरुण कुमार अश्वनी ने जिला कलेक्टर को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ई-जिला प्रबंधक आफताब अहमद खान ने लगभग एक लाख रुपये का भुगतान रोक रखा है। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप लगाया गया कि वे निजी आधार सेंटरों के माध्यम से अवैध वसूली कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जो संचालक उनकी बात नहीं मानते, उनके सेंटरों पर छापेमारी करवा कर उन्हें बंद करवा दिया जाता है।
इन आरोपों पर सफाई देते हुए आफताब अहमद खान ने कहा कि राजस्व प्रमाण पत्रों से संबंधित भुगतान का निर्णय जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ही लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनके स्तर पर नहीं होता। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता को पहले ही एक किस्त का भुगतान मिल चुका है और बाकी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा।
आफताब अहमद खान ने आधार सेंटरों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि आधार सेंटरों का संचालन पूरी तरह से यूआईडीएआई (UIDAI) के नियमों के अनुसार होता है और इसमें जिला प्रबंधक की कोई भूमिका नहीं होती।
आरोप लगाने वालों पर पहले से ही चल रही है जांच
उन्होंने यह भी कहा कि जिन सीएससी संचालकों ने उनके खिलाफ शिकायत की है, उनके खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है। उन्होंने दावा किया कि यह लोग जांच से बचने के लिए झूठे आरोप लगाकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए सही प्रक्रिया अपनाएं और झूठे आरोप लगाकर प्रशासन को गुमराह न करें। इस मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जल्द ही सच सामने आएगा।





