फर्जी पट्टा बनाकर धान बेचने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच की मांग

बिलासपुर। जिले के ग्राम चिस्दा में शासकीय भूमि पर फर्जी पट्टा बनाकर धान बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के 15 ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि धीरज दास नामक व्यक्ति ने खसरा नंबर 43/5, रकबा 1.011 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर कोटवार, पटवारी और सरपंच की मिलीभगत से फर्जी पट्टा बनवाया और राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया। जबकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे पिछले 35–40 वर्षों से इसी भूमि के एक हिस्से पर मकान बनाकर रह रहे हैं और खेती-बाड़ी करते आ रहे हैं।

आरोप यह भी है कि बिना वास्तविक खेती किए ही वर्ष 2025–26 में एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से धान बेचने का टोकन कटवाया गया, जो सीधे तौर पर शासन के साथ धोखाधड़ी है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से फर्जी पट्टा निरस्त करने, नामांतरण रद्द करने और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। अब प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





