अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाँद अहमद सिद्दीकी ED की गिरफ्त में, मनी लॉन्ड्रिंग केस में रिमांड पर भेजे गए

दिल्ली कार ब्लास्ट मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह ग्रुप और अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाँद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर कोर्ट से रिमांड पर लिया है। गिरफ्तारी PMLA 2002 की धारा 19 के तहत की गई।
ED ने दिल्ली-एनसीआर में 19 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें अल-फलाह यूनिवर्सिटी, ग्रुप से जुड़े दफ्तर और सिद्दीकी के आवास शामिल हैं। जांच के दौरान करीब 48 लाख रुपये कैश, डिजिटल डिवाइस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
एजेंसी के अनुसार, ट्रस्ट की बड़ी राशि सिद्दीकी के परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनियों में डायवर्ट की गई। कई निर्माण और कैटरिंग कॉन्ट्रैक्ट उनकी पत्नी और बच्चों की कंपनियों को दिए गए थे। ED को नौ शेल कंपनियों का भी सुराग मिला है जिनका उपयोग धन को अलग-अलग परतों में बांटने और गलत लेन-देन के लिए किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने NAAC और UGC की 12(B) मान्यता का झूठा दावा किया था, जिससे छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। UGC ने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी केवल सेक्शन 2(f) के तहत पंजीकृत है और 12(B) मान्यता के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया था।
ED यह भी जांच कर रही है कि मनी लॉन्ड्रिंग की यह धनराशि कहीं दिल्ली कार ब्लास्ट जैसी आतंकी घटनाओं में तो उपयोग नहीं हुई। एजेंसी ने सिद्दीकी को आगे की पूछताछ और वित्तीय लेन-देन की परतें खोलने के लिए रिमांड पर लिया है।





