एअर इंडिया में बड़े बदलाव की तैयारी, 2026 को बताया गया ट्रांसफॉर्मेशन का साल

एअर इंडिया ने अपनी सेवाओं और बेड़े में बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया तेज कर दी है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि वर्ष 2026 एअर इंडिया के लिए परिवर्तन का महत्वपूर्ण वर्ष साबित होगा। इस दौरान कंपनी अपने बेड़े को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दे रही है।
विंग्स इंडिया 2026 सम्मेलन के दौरान कैंपबेल विल्सन ने बताया कि कंपनी ने अपने बेड़े में पहला लाइन-फिट बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर शामिल किया है। इस वर्ष तीन और ऐसे विमान शामिल किए जाएंगे, जबकि वर्ष के अंत तक दो ए350-1000 विमान भी बेड़े में जोड़े जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एअर इंडिया कम से कम 20 आधुनिक वाइडबॉडी विमानों के जरिए यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें शुरू करेगी। वर्ष 2027 और 2028 में लॉन्ग-हॉल बेड़े में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। वहीं, घरेलू उड़ानों के बेड़े को पहले ही काफी हद तक अपग्रेड किया जा चुका है।
कंपनी पुराने विमानों के रेट्रोफिटिंग और नए विमानों की डिलीवरी के जरिए अपने बेड़े का आधुनिकीकरण कर रही है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक केबिन और उच्च स्तरीय सेवाएं मिलेंगी।
कैंपबेल विल्सन ने विंग्स इंडिया कार्यक्रम को भारत को वैश्विक विमानन बाजार में मजबूत पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विभिन्न देशों की कंपनियों को सहयोग और साझेदारी के अवसर प्रदान करता है।
इस बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विंग्स इंडिया 2026 के दौरान यूएई, सऊदी अरब, रूस और डोमिनिकन रिपब्लिक के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में हवाई सेवाओं के विस्तार, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से एक वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में उभर रहा है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विनिर्माण, कौशल विकास और सतत विकास के माध्यम से देश के विमानन क्षेत्र को नई दिशा दी जा रही है।
विंग्स इंडिया 2026 को एशिया के प्रमुख विमानन सम्मेलनों में शामिल माना जा रहा है, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। यह आयोजन भारत के विमानन क्षेत्र के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।





