बंगाल चुनाव से पहले नई बाबरी मस्जिद का ऐलान, TMC विधायक के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर के बयान ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। विधायक ने दावा किया है कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 6 दिसंबर को नई बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी जाएगी। उनके इस कदम को चुनावी रणनीति और मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
हुमायूं कबीर ने कहा है कि मस्जिद को तैयार होने में लगभग तीन साल का समय लगेगा और इसके शिलान्यास समारोह में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। विधायक ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने इस निर्माण को लेकर वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। समारोह में देश के कई शहरों—दिल्ली, कोलकाता और मुंबई—से धार्मिक नेता और गणमान्य लोग पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 6 दिसंबर को होने वाले TMC के कोलकाता कार्यक्रम में वह शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उसी दिन शिलान्यास की तैयारी और आयोजन में व्यस्त रहेंगे।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराया गया था। विधायक कबीर का कहना है कि यह दिन मुस्लिम समुदाय के लिए दर्द का प्रतीक है और इसी दर्द को कम करने के लिए नई मस्जिद की नींव रखी जा रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस साजिश का हिस्सा था और इस नई मस्जिद को उसी आधार पर भव्य रूप दिया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी इस कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है, ताकि भीड़ और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर उचित तैयारी की जा सके। माना जा रहा है कि मुर्शिदाबाद सहित उत्तर बंगाल और बीरभूम से भी बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले TMC विधायक का यह कदम स्पष्ट रूप से समुदाय विशेष को साधने की कोशिश है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, विपक्ष इसे TMC की वोट बैंक राजनीति करार दे रहा है।
बंगाल की राजनीतिक जमीन पर यह घोषणा आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकती है। चुनावी गर्मी बढ़ते ही इस बयान के असर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।





