Action on Child Marriage: चल रहा था बाल विवाह, बारात की जगह आ धमकी पुलिस

कबीरधाम। जिले की पुलिस और बाल विकास विभाग की टीम ने बाल विवाह को रूकवाया है। पुलिस ने परिजनो को समझाइश देकर उन्हें दोबारा ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में बाल विवाह की रोकथाम हेतु सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कबीरधाम को ग्राम झोलाबहरा में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त हुई।

इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए परियोजना तरेगांव जंगल, सेक्टर दलदली की पर्यवेक्षक एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी माया बरगाह ने पुलिस टीम के साथ विवाह स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कदम उठाए। उप निरीक्षक तारन दास डहरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक और बालिका के माता-पिता को बाल विवाह के दुष्प्रभावों और कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।

माता-पिता को बताया गया कि जब तक लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष पूर्ण नहीं होती, विवाह करना गैरकानूनी है। इसके साथ ही उन्हें बाल विवाह के सामाजिक और शारीरिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। समझाइश के बाद माता-पिता ने बाल विवाह को रोकने का निर्णय लिया।

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