PM-CM और मंत्रियों को गंभीर अपराध में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने का कानून बनेगा, आज संसद में पेश होंगे तीन बिल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को पद से हटाने के लिए कानून बनाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को संसद में इसके लिए तीन बिल पेश करेंगे। इन बिलों में प्रावधान होगा कि अगर किसी नेता को गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया जाता है, जिसमें कम से कम पांच साल की जेल हो सकती है, और उन्हें लगातार 30 दिन हिरासत में रखा जाता है, तो 31वें दिन उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।

तीन बिल हैं- गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025, 130वां संविधान संशोधन बिल 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025। अमित शाह इन्हें संसद की संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय ने 20 अगस्त को लोकसभा में इन बिलों के पेश होने की जानकारी दी है।

गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025 में केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोप में गिरफ्तार होने पर हटाने का कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। 130वें संविधान संशोधन बिल में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के लिए प्रावधान शामिल होगा। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 में 30 दिन में गिरफ्तार नेताओं को हटाने का प्रावधान होगा।

केंद्र सरकार का कहना है कि ये कानून लोकतंत्र और सुशासन की मजबूती के लिए जरूरी हैं। वर्तमान व्यवस्था में केवल दोषी ठहराए गए नेताओं को पद से हटाया जा सकता था, जबकि गिरफ्तारी या गंभीर आरोप होने पर हटाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इससे पहले दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी जैसे नेता गिरफ्तारी के बावजूद पद पर बने रहे। साथ ही आज संसद में ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने वाला बिल भी पेश हो सकता है। इसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग और इसके प्रचार के लिए सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button