A Grand Gathering of Brahmins: अरपा पार सरकंडा में रचेगा इतिहास, भगवान परशुराम की निकलेगी अब तक की सबसे भव्य शोभायात्रा
विप्र समाज की महाबैठक में हुंकार,मातृशक्ति और युवाओं ने लिया ऐतिहासिक आयोजन का संकल्प

न्यायधानी बिलासपुर का सरकंडा क्षेत्र इस वर्ष एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है। (A Grand Gathering of Brahmins) अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव को लेकर अरपा पार क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। इतिहास में पहली बार सरकंडा की धरती से एक ऐसी वृहद और भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो न केवल अपनी विशालता बल्कि अपनी भव्यता के लिए भी जानी जाएगी। इसी भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज समाज के प्रबुद्ध जनों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आयोजन को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की गई……
मातृशक्ति और युवाओं ने लिया ऐतिहासिक आयोजन का संकल्प (A Grand Gathering of Brahmins)
बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में आयोजित इस विशेष बैठक में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। बैठक में विशेष रूप से वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन के साथ-साथ युवाओं का जोश और भारी संख्या में मातृशक्ति यानी महिलाओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार की शोभायात्रा ऐतिहासिक होगी।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि अरपा पार के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतने व्यापक स्तर पर भगवान परशुराम जी की झांकी और यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने एक सुर में इस शोभायात्रा को शहर की सबसे यादगार यात्रा बनाने का संकल्प लिया और आयोजन की सफलता के लिए अलग-अलग टोलियां बनाकर जिम्मेदारियां सौंपी गईं……
विप्र समाज की महाबैठक में हुंकार
बैठक के दौरान महिला शक्ति ने विशेष उत्साह दिखाते हुए कहा कि वे न केवल इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी, बल्कि इसे पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने में भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगी। समाज के वरिष्ठों ने युवाओं को संस्कार और संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से इस आयोजन को एक बड़े मंच के रूप में देखने की बात कही। चर्चा का मुख्य केंद्र इस बात पर रहा कि किस तरह सरकंडा के चप्पे-चप्पे को भगवामय किया जाए और कैसे अशोक नगर चौक से शुरू होने वाली इस यात्रा में अनुशासन और भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिले। सभी ने संकल्प लिया कि यह यात्रा केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि विप्र एकता और शक्ति का प्रतीक बनेगी
अंत में, विप्र समाज के प्रतिनिधियों ने पूरे शहर के विप्र जनों और रामभक्तों से इस शोभायात्रा में सपरिवार शामिल होने की भावुक अपील की। आयोजकों ने कहा कि भगवान परशुराम जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। पूरे बिलासपुर शहर से लोगों को आमंत्रित किया गया है ताकि सभी मिलकर इस दिव्य यात्रा को और भी बेहतर और भव्य तरीके से संपन्न करा सकें। बैठक के समापन पर ‘जय परशुराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकंडा क्षेत्र इस बार इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस भव्य आयोजन का गवाह बनने के लिए समूचा शहर उत्सुक है





