सुशासन तिहार पर सवाल, जनदर्शन में उमड़ी भीड़ बनी सरकार के दावों की हकीकत

बिलासपुर। गांव-गांव जाकर समस्याओं के समाधान का दावा करने वाले सुशासन तिहार की जमीनी हकीकत आज जनदर्शन में उमड़ी भारी भीड़ ने उजागर कर दी। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर जनदर्शन पहुंचे, जिससे प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े हो गए।
जनदर्शन में लगी लंबी कतारें इस बात का साफ संकेत थीं कि कई समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार के दौरान आवेदन तो लिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में मामलों का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
इस दौरान जब बढ़ती भीड़ को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि आज न्यू सर्किट हाउस में गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे, इसलिए विशेष तैयारियां चल रही हैं।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और संबंधित विभागों को समाधान के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ मामलों का समाधान तत्काल संभव नहीं होता, फिर भी लोग अपनी मांगों को लेकर जनदर्शन में आते रहते हैं।
आज का जनदर्शन एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अब भी इतनी बड़ी खाई क्यों है। अब देखना होगा कि सुशासन तिहार वास्तव में लोगों को राहत दिला पाता है या जनता को हर मंगलवार जनदर्शन की कतारों में ही खड़ा रहना पड़ेगा।





