ठंड में छत्तीसगढ़ के टूरिस्ट स्पॉट बने सैर-सपाटे का पसंदीदा ठिकाना, गंगरेल से चित्रकोट तक बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

ठंड के मौसम में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता अपने पूरे शबाब पर है। हरियाली, झरनों और जंगलों से घिरे पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। जनवरी की छुट्टियों में परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए गंगरेल डैम, घटारानी, चित्रकोट और मैनपाट जैसे स्थल लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं।
धमतरी स्थित गंगरेल बांध को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया गया है, जहां आर्टिफिशियल बीच, गार्डन और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बोटिंग, कयाकिंग, पैरासेलिंग और वाटर साइकिल जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है। पर्यटक 50 से 4000 रुपए तक विभिन्न बोटिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
गरियाबंद जिले में स्थित जतमई और घटारानी धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र हैं। मंदिर के पास बहता झरना और आसपास का जंगल क्षेत्र पर्यटकों को सुकून देता है। यह स्थान फोटोग्राफी और पिकनिक के लिए भी प्रसिद्ध है।
कवर्धा जिले की चिल्फी घाटी और भोरमदेव मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। घाटी के हरे-भरे रास्ते और पहाड़ी दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां रानीधारा झरना और आसपास के जंगल क्षेत्र खास पहचान रखते हैं।
सरगुजा जिले का मैनपाट भी सर्दियों में पर्यटकों से गुलजार रहता है। यहां झरने, तिब्बती कैंप, बौद्ध मठ और प्राकृतिक नजारे लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। उल्टा पानी, दलदली, टाइगर प्वाइंट और मेहता प्वाइंट जैसे स्थल मैनपाट के प्रमुख आकर्षण हैं।
जगदलपुर स्थित चित्रकोट जलप्रपात इंद्रावती नदी पर बना हुआ है, जहां पानी करीब 90 फीट की ऊंचाई से गिरता है। घोड़े की नाल के आकार का यह जलप्रपात ठंड और गर्मी दोनों मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां स्थित शिवलिंग पर सालभर जलाभिषेक होता रहता है।
इसके अलावा बारनवापारा अभयारण्य, ओना-कोना, भोरमदेव और अन्य पर्यटन स्थल भी सर्दियों में लोगों की पसंद बने हुए हैं। बेहतर सड़क संपर्क, ठहरने और खाने-पीने की सुविधाओं के कारण इन स्थानों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, सर्दियों के मौसम में राज्य के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यवसाय को भी बढ़ावा मिल रहा है।





