पोस्ट ऑफिस की नई पहल: निर्यातकों को मिलेगी 75% तक डाक शुल्क सब्सिडी, सालाना ₹1 लाख का फायदा

आगरा। ग्रामीण कारीगरों, लघु व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए डाक विभाग ने एक बेहद उपयोगी और लाभकारी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अब निर्यातकों को डाक शुल्क पर बड़ी राहत मिलेगी। डाक विभाग की डाक शुल्क प्रतिपूर्ति (सब्सिडी) योजना के अंतर्गत पात्र निर्यातकों को भेजे गए पार्सल के डाक शुल्क पर कम से कम 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। एक वित्तीय वर्ष में यह सब्सिडी अधिकतम 1 लाख रुपये तक हो सकती है।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, महिला उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को कम लागत में विदेशों तक अपने उत्पाद पहुंचाने का अवसर देना है। योजना का लाभ उठाने के लिए निर्यातक इकाई का डाक विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद निर्यातक जब भी अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजेगा, तो पहले उसे पूरा डाक शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद तीन महीने के भीतर किए गए निर्यात के आधार पर सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे निर्यातक के खाते में भेज दी जाएगी।
इस योजना का लाभ वही इकाइयां ले सकेंगी जिनके पास इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IEC) और उत्तर प्रदेश राज्य का वैध पंजीकरण है। इसके अलावा निर्यातक को पहले नजदीकी डाकघर जाकर योजना के तहत अपना पंजीकरण कराना होगा।
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि कोई निर्यातक एक ही बार में इतना शुल्क देता है कि सब्सिडी की राशि 1 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, तो उसे अधिकतम एक लाख रुपये तक ही सब्सिडी दी जाएगी। इससे अधिक सब्सिडी एक वित्तीय वर्ष में नहीं दी जा सकेगी।
डाक विभाग का मानना है कि यह योजना न केवल अधिक से अधिक निर्यातकों को डाकघर से जोड़ने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।





