बिलासपुर में कैप्सी की प्रदेश स्तरीय बैठक, बदली सुरक्षा जरूरतों पर हुआ मंथन

बिलासपुर। प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के संगठन कैप्सी की प्रदेश स्तरीय बैठक आज बिलासपुर में आयोजित की गई। यह बैठक शहर के एक निजी होटल में संपन्न हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आई प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य बदलते दौर में सुरक्षा की जरूरतों, नियमों और चुनौतियों पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और विशेष अतिथि के रूप में महापौर पूजा विधान मौजूद रहीं। मीडिया से बातचीत में विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि समय के साथ प्राइवेट सिक्योरिटी की मांग लगातार बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में संसद ने प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट लागू किया, जिसके तहत आज यह सेक्टर पूरे देश में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराध और बदलते हालात के बीच प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां सरकार के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। विधायक ने साफ कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी सिक्योरिटी एजेंसी नहीं चलनी चाहिए, ताकि लोगों को भरोसेमंद सुरक्षा मिल सके।
बैठक में कैप्सी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्राइवेट सिक्योरिटी सेक्टर देश के सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है। इस सेक्टर से लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है और प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट 2005 के चलते यह लगातार आगे बढ़ रहा है।
कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि कैप्सी देशभर में सुरक्षा जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि आम लोग भी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। बैठक में प्राइवेट सिक्योरिटी सेक्टर के भविष्य, विस्तार और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।





