बिलासपुर में दृष्टिहीन छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर में मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। शासकीय आश्रय दत्त कर्मशाला में रहकर पढ़ाई कर रहे दृष्टिहीन छात्रों ने अपने साथ हो रहे अपमानजनक व्यवहार की शिकायत कलेक्टर संजय अग्रवाल से की है। पीड़ित छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सामने रखी।
छात्रों ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर उन्हें तिफरा स्थित आश्रय दत्त कर्मशाला में रहने की सुविधा दी गई है, ताकि वे कॉलेज की पढ़ाई कर सकें। लेकिन वहां पदस्थ रसोइया तिजराम बांदले द्वारा उनके साथ लगातार अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में पाँचों दृष्टिहीन छात्रों ने आरोप लगाया कि रसोइया उनके दृष्टिहीन होने को लेकर अपशब्द कहता है और उन्हें शासकीय सुविधाओं के अयोग्य बताकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। छात्रों का कहना है कि कलेक्टर द्वारा दी गई आवास सुविधा को भी वह गलत बताते हुए उन्हें डराने और अपमानित करने की कोशिश करता है।
पीड़ित छात्रों ने कहा कि इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाने वाला है। छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित रसोइया को तत्काल हटाया जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े।
फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का भरोसा दिलाया है।





