‘गुटखा किंग’ जीएसटी के शिकंजे में, 900 करोड़ के अवैध कारोबार पर 317 करोड़ का जुर्माना

रायपुर। दुर्ग जिले के गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी अब जीएसटी विभाग की शिकंजे में फंसे हैं। गुरमुख प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये का गुटखा बेचते थे, जिससे प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये का कारोबार होता था।
पांच वर्षों में उनका कुल कारोबार करीब 900 करोड़ रुपये का था। राज्य जीएसटी विभाग ने 2021 से 2025 तक के कारोबार का आकलन कर गुरमुख पर 317 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। वह पिछले पांच वर्षों से ‘सितार’ ब्रांड नाम से तंबाकू युक्त गुटखा का व्यापार कर रहे थे। तंबाकू युक्त गुटखा पर राज्य में प्रतिबंध के बावजूद यह सिंडिकेट सक्रिय था।
जांच में सामने आया कि गुरमुख का पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था। उनके पिता गोदामों के लिए रेंट एग्रीमेंट करते और पैकिंग के बाद गुटखा दुकानों तक सप्लाई की जाती थी। जीएसटी टीम ने कई पुराने दस्तावेज और रेंट एग्रीमेंट जब्त किए। गुटखा पैकिंग का काम जुलाई 2025 में जोरातराई और गनियारी फैक्ट्री में चल रहा था। रॉ-मटेरियल गुरमुख के बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड’ फैक्ट्री में तैयार होता था, जो सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी बनाने के लिए रजिस्टर्ड थी।
गुटखे का फार्मूला तैयार करने वाले दीपक पांडे ने बताया कि मशीन से एक मिनट में लगभग 250 पैकेट तैयार होते थे। प्रतिदिन लगभग 50 बोरा गुटखा बाजार में जाता था। मजदूर केवल महीने में 18 दिन काम करते थे, लेकिन कारोबार करोड़ों रुपये का था।
गुरमुख जुमनानी वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। वह अब करीब तीन महीने से दुर्ग जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। जीएसटी और खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री सील की गई थी, लेकिन बाद में मशीनें निकाल ली गईं। अधिकारियों के अनुसार, सूचना लीक होने के कारण गुरमुख लंबे समय तक फरार रहे, पकड़ने में दो महीने का समय लगा।





